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Reading: ‘सुपर अल नीनो’ का खौफ: अगले साल के अंत तक 5 करोड़ लोग हो सकते हैं गंभीर भुखमरी का शिकार, WFP की चेतावनी
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Environment Pulse > ईको सिस्टम > जल > ‘सुपर अल नीनो’ का खौफ: अगले साल के अंत तक 5 करोड़ लोग हो सकते हैं गंभीर भुखमरी का शिकार, WFP की चेतावनी
(फोटो सौजन्य-एआई)
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‘सुपर अल नीनो’ का खौफ: अगले साल के अंत तक 5 करोड़ लोग हो सकते हैं गंभीर भुखमरी का शिकार, WFP की चेतावनी

Environment Pulse
Last updated: August 8, 2026 6:13 pm
Environment Pulse
Published: August 8, 2026
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(फोटो सौजन्य-एआई)
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(फोटो सौजन्य-एआई)
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पहले से संकट झेल रहे करोड़ों लोगों पर बढ़ेगा भोजन का संकट; अफ़्रीका, मध्य अमेरिका और दक्षिण एशिया सबसे ज़्यादा प्रभावित।

Contents
70 सालों का सबसे शक्तिशाली ‘सुपर अल नीनो’2027-28 के ‘लीन सीज़न’ में बढ़ेगा खतरा

70 सालों में सबसे शक्तिशाली होने की ओर बढ़ रहा अल नीनो; संयुक्त राष्ट्र का वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम अग्रिम राहत के लिए जुटा रहा फ़ंड।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम (WFP) के नए अनुमानों के अनुसार, तेज़ी से उभरते अल नीनो (El Niño) मौसम सिस्टम के प्रभाव से अगले साल के अंत तक विश्व भर में लगभग 5 करोड़ अतिरिक्त लोग गंभीर भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं। यह संकट उन करोड़ों लोगों के अतिरिक्त होगा जो पहले से ही अफ़्रीका में सालों से पड़े सूखे, युद्ध और वैश्विक महंगाई के कारण खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं।

70 सालों का सबसे शक्तिशाली ‘सुपर अल नीनो’

प्रशांत महासागर का यह मौसम पैटर्न दुनिया भर में बारिश के चक्र को बिगाड़ रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल का अल नीनो पिछले 70 वर्षों में सबसे शक्तिशाली होने की ओर बढ़ रहा है, जिसे विशेषज्ञ “सुपर अल नीनो” भी कह रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल हीटिंग और शक्तिशाली अल नीनो मिलकर आगामी वर्षों को अब तक का सबसे गर्म वर्ष बना सकते हैं।

WFP की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य और दक्षिण अमेरिका, कैरिबियन व दक्षिणी अफ़्रीका, यहाँ की कृषि और खाद्य सुरक्षा पर सबसे गहरा असर पड़ेगा। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में औसत से कम बारिश होने की संभावना है, जिससे धान और अन्य मुख्य फ़सलों के उत्पादन पर संकट मंडराएगा। जिन 45 देशों में पहले से 4.5 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा झेल रहे हैं, वहाँ इस संख्या में 20% से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती है।

2027-28 के ‘लीन सीज़न’ में बढ़ेगा खतरा

WFP के क्लाइमेट और रेज़िलिएंस सर्विसेज़ के डायरेक्टर रिचर्ड चौलार्टन ने बताया कि किसान अक्सर अपने अनाज के पुराने स्टॉक से तात्कालिक संकट टाल लेते हैं, लेकिन असली असर फ़सल कटने के बाद आने वाले मुश्किल समय (लीन सीज़न) में दिखेगा। दक्षिणी अफ़्रीका में इसका सबसे भयानक असर 2027 से 2028 के बीच देखने को मिलेगा।

2015-16 के अल नीनो के दौरान 6 से 10 करोड़ लोग फ़ूड इनसिक्योरिटी का शिकार हुए थे। इस बार WFP 8 करोड़ डॉलर की फ़ंडिंग के साथ ‘पहले से तैयारी’ (Anticipatory Action) वाले राहत प्रयास लागू कर रहा है ताकि संकट को कम किया जा सके।

WFP के फ़ूड सिक्योरिटी डायरेक्टर जीन-मार्टिन बाउर ने आगाह किया है कि इस संकट से बचने के लिए बड़े निर्यातक देशों को खाद्यान्न निर्यात (Food Export Controls) पर प्रतिबंध लगाने से बचना होगा, वरना वैश्विक बाज़ारों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बेकाबू हो सकती हैं।

Also Read: पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान, मानेसर में 77वें राज्य-स्तरीय वन महोत्सव में बोले सीएम सैनी

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