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Environment Pulse > ईको सिस्टम > यूरोप का सबसे बड़ा कार्बन कैप्चर संयंत्र शुरू, नीदरलैंड से नॉर्वे तक CO₂ भंडारण की व्यवस्था
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ईको सिस्टम

यूरोप का सबसे बड़ा कार्बन कैप्चर संयंत्र शुरू, नीदरलैंड से नॉर्वे तक CO₂ भंडारण की व्यवस्था

Environment Pulse
Last updated: November 2, 2026 9:30 pm
Environment Pulse
Published: November 2, 2026
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यारा इंटरनेशनल ने नीदरलैंड के स्लुइस्किल स्थित अपने अमोनिया और उर्वरक संयंत्र में यूरोप की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्बन कैप्चर सुविधा (CCS) का उद्घाटन किया है। यह परियोजना हर साल अमोनिया उत्पादन प्रक्रिया से अधिकतम 8 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को पकड़कर उसे तरल रूप में परिवर्तित करने में सक्षम है। पकड़ी गई CO₂ को विशेष जहाजों के जरिए नॉर्वे के ओयगार्डेन ले जाया जाएगा, जहाँ ‘नॉर्दर्न लाइट्स’ परियोजना के तहत इसे उत्तरी सागर के समुद्री तल से 2,600 मीटर नीचे भूगर्भीय संरचनाओं में स्थायी रूप से संग्रहित किया जाएगा। अगले 15 वर्षों में इसके तहत लगभग 1.2 करोड़ टन CO₂ के स्थायी भंडारण का लक्ष्य है। यह यूरोप की पहली पूर्ण सीमा-पार (क्रॉस-बॉर्डर) औद्योगिक कार्बन कैप्चर और भंडारण श्रृंखला है, जिसका उद्घाटन नीदरलैंड और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों सहित यूरोपीय आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस तकनीक से भारी उद्योगों को अपने उत्सर्जन में कटौती करने और यूरोपीय संघ की कार्बन लागत को कम करने में मदद मिलेगी।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क : यूरोप में औद्योगिक उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यारा इंटरनेशनल ने नीदरलैंड के स्लुइस्किल स्थित अपने अमोनिया और उर्वरक संयंत्र में यूरोप की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्बन कैप्चर सुविधा का उद्घाटन किया है।

शुरू हुई यह परियोजना अमोनिया उत्पादन प्रक्रिया से हर साल अधिकतम आठ लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) पकड़ने और उसे तरल रूप में परिवर्तित करने में सक्षम है।

इसे यूरोप में वर्तमान में संचालित सबसे बड़ी व्यावसायिक स्तर की कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज (CCS) परियोजना बताया गया है। इस परियोजना के तहत संयंत्र में पकड़ी गई CO₂ को पहले तरल बनाया जाएगा और अस्थायी रूप से संग्रहित किया जाएगा।

इसके बाद विशेष जहाजों के माध्यम से इसे नॉर्वे के ओयगार्डेन ले जाया जाएगा। वहां नॉर्दर्न लाइट्स परियोजना के तहत कार्बन डाइऑक्साइड को उत्तरी सागर की समुद्री तलहटी से लगभग 2,600 मीटर नीचे भूगर्भीय संरचनाओं में स्थायी रूप से संग्रहित किया जाएगा। अगले 15 वर्षों में इस परियोजना के माध्यम से लगभग 1.2 करोड़ टन CO₂ को पकड़कर स्थायी रूप से संग्रहित करने का लक्ष्य है।

हालांकि, इसकी सफलता के लिए अनुकूल नीतिगत और नियामकीय परिस्थितियों का बने रहना आवश्यक होगा। यह यूरोप की पहली ऐसी पूर्ण सीमा-पार औद्योगिक कार्बन कैप्चर और भंडारण श्रृंखला है, जो नीदरलैंड में कार्बन उत्सर्जन के स्रोत को नॉर्वे की भंडारण व्यवस्था से जोड़ती है। उद्घाटन समारोह में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब येटन, यूरोपीय आयोग के जलवायु, नेट-जीरो और स्वच्छ विकास आयुक्त वॉपके होएक्स्ट्रा तथा यारा के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वेन टोरे होलसेथर शामिल हुए।

स्लुइस्किल स्थित यारा का संयंत्र यूरोप का सबसे बड़ा अमोनिया और उर्वरक उत्पादन केंद्र है। नई कार्बन कैप्चर सुविधा से कंपनी को अपने औद्योगिक उत्सर्जन में कटौती करने के साथ यूरोपीय संघ की उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (EU ETS) के तहत कार्बन लागत कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र के लिए कम कार्बन उत्सर्जन वाले उर्वरक उत्पादों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यारा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वेन टोरे होलसेथर ने कहा कि स्लुइस्किल की यह सुविधा साबित करती है कि बड़े पैमाने पर औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना आज ही संभव है। यह परियोजना ऐसे भारी उद्योगों के लिए कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज तकनीक की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित करती है, जहां उत्पादन प्रक्रिया से होने वाले उत्सर्जन को कम करना अपेक्षाकृत कठिन है।

यूरोप में इस तकनीक पर बढ़ता निवेश औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बनाए रखते हुए जलवायु लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है।

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