प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी डॉ. असद रहमानी की नई पुस्तक Where Have the Birds Gone? (जगरनॉट द्वारा प्रकाशित) भारतीय उपमहाद्वीप में पक्षियों की घटती आबादी और उसके कारणों पर केंद्रित है। पुस्तक में ग्रामीण इलाकों से ब्लैक ड्रोंगो और इंडियन रोलर जैसे सामान्य पक्षियों के दुर्लभ होने, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जैसी संकटग्रस्त प्रजातियों तथा आवास विनाश, कीटनाशकों, बिजली लाइनों व खुले में घूमने वाले कुत्तों जैसे खतरों पर चिंता जताई गई है। लेखक ने चेतावनी दी है कि “सामान्य पक्षी अब सामान्य नहीं रहे” और संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी व जागरूकता बेहद जरूरी है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के पूर्व निदेशक डॉ. असद रहमानी ने अपनी नई पुस्तक Where Have the Birds Gone? जारी की है।
Juggernaut से प्रकाशित यह पुस्तक भारतीय उपमहाद्वीप में पक्षियों की लंबे समय से घटती आबादी और इसके कारणों पर केंद्रित है। रहमानी बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में अब ब्लैक ड्रोंगो और इंडियन रोलर जैसे कभी आम दिखने वाले पक्षी कम नजर आते हैं, जबकि नाइटजार की आवाजें, टेलीफोन तारों पर ब्लैक-शोल्डर्ड काइट तथा ईगल और हैरियर की मौजूदगी भी घट रही है।
पुस्तक में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और व्हाइट-बेलीड हेरॉन जैसी संकटग्रस्त प्रजातियों के साथ उन सामान्य पक्षियों के घटते अस्तित्व पर भी चिंता जताई गई है, जो धीरे-धीरे दुर्लभ हो रहे हैं।
आवास विनाश, कीटनाशक, बिजली की लाइनें, बांध और खुले में घूमने वाले कुत्तों को प्रमुख दबाव बताया गया है। रहमानी ने चेताया कि “सामान्य पक्षी अब सामान्य नहीं रहे” और संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी व जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
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