अमेरिका की क्लामथ नदी में चार बड़े जलविद्युत बांधों को हटाने के बाद चिनूक सैल्मन मछलियों की उल्लेखनीय वापसी दर्ज की गई है। वैज्ञानिक पत्रिका ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, बांध हटने के बाद महज दो वर्षों (2024-2025) में 13,000 से अधिक वयस्क मछलियों ने 345 किलोमीटर से अधिक नदी क्षेत्र में फैलकर अपने ऐतिहासिक वितरण क्षेत्र का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा फिर से हासिल कर लिया है। एक सदी से अधिक समय तक बांधों के कारण मछलियों का प्रवास बाधित होने से इनकी आबादी में 90 प्रतिशत तक की गिरावट आई थी, लेकिन अब प्राकृतिक प्रवाह बहाल होने और जल गुणवत्ता में सुधार से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की नई उम्मीद जगी है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : अमेरिका की क्लामथ नदी में चिनूक सैल्मन मछलियों की उल्लेखनीय वापसी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में नदी पर बने चार जलविद्युत बांधों को हटाए जाने के बाद हजारों मछलियां उन क्षेत्रों में पहुंच गई हैं, जहां एक सदी से अधिक समय से उनका आवागमन बाधित था। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, महज दो प्रवासी मौसमों में इन मछलियों ने अपने ऐतिहासिक आवास का बड़ा हिस्सा फिर से हासिल कर लिया है।
दक्षिणी ओरेगन और उत्तरी कैलिफोर्निया से होकर बहने वाली क्लामथ नदी पर कॉपको नंबर-1, कॉपको नंबर-2, जेसी बॉयल और आयरन गेट नामक चार बांध बनाए गए थे। इन बांधों ने नदी के प्राकृतिक प्रवाह और मछलियों के प्रवास को बाधित किया था। इसके कारण क्लामथ नदी बेसिन में चिनूक सैल्मन की आबादी में लगभग 90 प्रतिशत गिरावट आई थी। वर्ष 2024 में इन चारों बांधों को हटाने के बाद 640 किलोमीटर (करीब 400 मील) से अधिक प्रवासी जलीय आवास दोबारा जुड़ गया। शोधकर्ताओं ने उच्च क्षमता वाले मल्टी-बीम इमेजिंग सोनार की मदद से मछलियों की आवाजाही का अध्ययन किया।
इसके अनुसार, बांध हटने के बाद पहले ही वर्ष 2024 में लगभग 7,742 वयस्क चिनूक सैल्मन पूर्ववर्ती बांध स्थलों से नदी के ऊपरी हिस्सों की ओर जाती दर्ज की गईं। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,000 से अधिक हो गई। इन दोनों वर्षों में लौटने वाली मछलियों की संख्या क्लामथ बेसिन में वापस आई कुल चिनूक सैल्मन आबादी का लगभग 18 से 19 प्रतिशत रही। अध्ययन के मुताबिक, केवल दो प्रवासी मौसमों में मछलियां 345 किलोमीटर (214 मील) नदी और उसकी सहायक नदियों में फैल गईं। इस दौरान उन्होंने अपने दर्ज ऐतिहासिक वितरण क्षेत्र का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा फिर से हासिल कर लिया और समुद्र तल से 1,250 मीटर तक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंचीं।
मछलियों ने तेज जलधाराओं, कृत्रिम फिशवे और अन्य प्राकृतिक बाधाओं को पार कर उन प्रजनन स्थलों तक पहुंच बनाई, जहां कई पीढ़ियों से उनका जाना संभव नहीं था। अध्ययन के प्रमुख लेखक और कैलिफोर्निया ट्राउट से जुड़े डेमन गुडमैन ने कहा कि मछलियों की वापसी की गति और व्यापकता ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया। उनके मुताबिक, ऐसा लग रहा था कि शोधकर्ताओं को मछलियों की तेज वापसी के साथ कदम मिलाने के लिए लगातार प्रयास करना पड़ रहा है।
यह अध्ययन वैज्ञानिक पत्रिका साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुआ है और इसे दुनिया की सबसे बड़ी बांध हटाने की परियोजना के बाद सैल्मन मछलियों की प्रतिक्रिया का पहला मात्रात्मक आकलन बताया गया है। दशकों तक बांध हटाने के लिए अभियान चलाने वाले स्थानीय जनजातीय समुदायों और मत्स्य प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों ने इन परिणामों का स्वागत किया है। युरोक जनजाति के मत्स्य जीवविज्ञानी कीथ पार्कर ने कहा कि इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की वापसी की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।
चिनूक सैल्मन के अलावा कोहो सैल्मन, स्टीलहेड और पैसिफिक लैम्प्रे जैसी अन्य जलीय प्रजातियां भी नदी के ऊपरी हिस्सों तक पहुंचने लगी हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि मछलियों की वापसी उत्साहजनक है, लेकिन पारिस्थितिकी तंत्र की पूर्ण बहाली के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना होगा। इसके लिए मछलियों का कई पीढ़ियों तक सफल प्रजनन, जल गुणवत्ता में निरंतर सुधार और शेष अवरोधों को दूर करना जरूरी है।
जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियां भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। प्रारंभिक निगरानी में जल गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिले हैं। नदी में पानी के तापमान का प्राकृतिक चक्र बेहतर हुआ है और घुलित ऑक्सीजन का स्तर भी सुधरा है। यह परियोजना दर्शाती है कि बड़े बांधों को हटाकर नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और संपर्क को बहाल करना जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्लामथ नदी में चिनूक सैल्मन की वापसी इस बात का उदाहरण है कि लंबे समय से बाधित प्राकृतिक आवास को फिर से जोड़ने से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

