अमेजन के वर्षावनों में अल नीनो के कारण उत्पन्न भीषण सूखे के चलते जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसे लेकर नासा के वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है। ब्राजील के मनाउस और सांतारेम क्षेत्रों में उपग्रहों द्वारा आग और धुएं के घने गुबार दर्ज किए गए हैं, जिसके कारण मनाउस में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर (पीएम2.5 का स्तर 135 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक) तक पहुंच गई और स्कूलों को बंद करना पड़ा। वैज्ञानिकों के अनुसार, हालांकि वनों की कटाई की दर में गिरावट आई है, लेकिन सूखे और मानवीय गतिविधियों के कारण अनियंत्रित आग और कार्बन उत्सर्जन गंभीर चुनौती बने हुए हैं, जो दिसंबर या जनवरी में मौसमी बारिश लौटने तक जारी रह सकते हैं।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : अमेजन के वर्षावनों में भीषण सूखे के कारण जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। नासा के वैज्ञानिकों ने अल नीनो से जुड़े गंभीर सूखे के बीच मध्य और पूर्वी अमेजन क्षेत्र में आग तथा धुएं के बढ़ते प्रकोप को लेकर चेतावनी जारी की है। उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों में आग की तीव्र गतिविधि और धुएं के घने गुबार दिखाई दिए हैं।
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल के समय में क्षेत्र में वनों की कटाई की दर में गिरावट दर्ज की गई है। नासा के उपग्रहों ने सितंबर 2026 से ब्राजील के मनाउस और सांतारेम के आसपास के जंगलों से लेकर अमेजन नदी के मुहाने तक आग की घटनाओं और धुएं के उत्सर्जन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।
12 अक्टूबर को नासा के एक्वा उपग्रह पर लगे मॉडरेट रेजोल्यूशन इमेजिंग स्पेक्ट्रोरेडियोमीटर (MODIS) उपकरण ने अमेजन नदी के दोनों किनारों से उठते धुएं के घने गुबार की तस्वीरें कैद कीं। धुएं ने मनाउस शहर को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके कारण वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुंच गई। मनाउस में सूक्ष्म कणों यानी पीएम2.5 का स्तर 135 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक दर्ज किया गया।
स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद कर दिए गए, बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाई गई और लोगों को धुएं से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई। नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के पृथ्वी प्रणाली वैज्ञानिक डगलस मॉर्टन ने इन घटनाओं को अल नीनो से जुड़ी उष्णकटिबंधीय जंगलों की आग की श्रृंखला में ‘दूसरा डोमिनो’ बताया।
उनके अनुसार, इससे पहले भूमध्यरेखीय एशिया में आग की घटनाएं सामने आई थीं। नवंबर और दिसंबर में आग का अगला दौर उत्तर की ओर बढ़ सकता है, जिससे ब्राजील के रोराइमा, उत्तरी पारा और अमापा क्षेत्रों के साथ वेनेजुएला, गुयाना तथा सूरीनाम के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, अमेजन में लगने वाली अधिकांश आग मानवीय गतिविधियों के कारण शुरू होती है। खेती-किसानी के लिए जमीन साफ करने या कृषि प्रबंधन के तहत लगाई जाने वाली आग कई बार नियंत्रण से बाहर होकर जंगल की सूखी निचली वनस्पतियों तक फैल जाती है। मैरीलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता शेन कॉफील्ड और नासा गोडार्ड से जुड़े वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, सांतारेम क्षेत्र में ही 50 से 70 अनियंत्रित आग सक्रिय हैं।
उच्च क्षमता वाले उपग्रह आंकड़ों के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सांतारेम के आसपास आग के हॉटस्पॉट की संख्या मानक फायर इंफॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (FIRMS) के आंकड़ों की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत अधिक पाई। घना धुआं, बादल और पेड़ों की छतरी के नीचे जलने वाली आग के कारण कई घटनाएं सामान्य उपग्रह निगरानी में दर्ज नहीं हो पातीं। ब्राजील के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक, मनाउस में अगस्त के दौरान सामान्य से 95 प्रतिशत कम बारिश हुई, जबकि सितंबर में वर्षा सामान्य से 60 प्रतिशत कम रही।
लंबे समय तक बारिश नहीं होने से जंगलों की वनस्पतियां अत्यधिक सूख गई हैं और आग फैलने का खतरा बढ़ गया है। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि वनों की कटाई के आधिकारिक आंकड़ों में गिरावट के बावजूद जंगलों का आग से होने वाला क्षरण एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। आग से बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जित होता है और जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है।
इससे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव और गहरा हो सकता है। नासा के शोधकर्ताओं ने सूखे की मौजूदा स्थिति में नई आग लगने से रोकने को सबसे महत्वपूर्ण कदम बताया है। मनाउस और सांतारेम के आसपास जंगलों में लगी आग दिसंबर या जनवरी में मौसमी बारिश लौटने तक जारी रह सकती है।
वहीं, अमेजन के दूसरे हिस्सों में आग का खतरा वर्ष 2027 तक बना रह सकता है। दुनिया के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय वर्षावन में आग की बढ़ती घटनाएं जलवायु की चरम परिस्थितियों के प्रति अमेजन की संवेदनशीलता को उजागर करती हैं। वैज्ञानिकों ने आग की रोकथाम, उपग्रह आधारित निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

