कोरमंगला में कपड़ा कचरे के प्रबंधन के लिए शहर की पहली ‘सर्कुलर टेक्सटाइल लैब’ की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य कपड़ा कचरे को लैंडफिल में जाने से रोकना, पुराने फैब्रिक से नए उत्पाद बनाना और स्थानीय महिलाओं व दर्जियों के लिए रोजगार पैदा करना है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली और एक थ्रिफ्ट स्टोर भी स्थापित किया गया है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। बेंगलुरु ने कपड़ा कचरे के प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कोरमंगला में अपना पहला सर्कुलर टेक्सटाइल लैब शुरू किया है।
इसका उद्देश्य कपड़ा कचरे को लैंडफिल में जाने से रोकना, पुराने कपड़ों और बेकार फैब्रिक के पुन: उपयोग को बढ़ावा देना तथा स्थानीय दर्जियों और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
सर्कुलर टेक्सटाइल लैब में परिधान निर्माण इकाइयों और सिलाई केंद्रों से निकलने वाले कपड़ा कचरे को एकत्र कर उसकी छंटाई और प्रोसेसिंग की जाएगी।
उपयोग योग्य सामग्री से नए परिधान, पर्यावरण-अनुकूल बैग और अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे इस्तेमाल किए गए कपड़ों और फैब्रिक को दोबारा उत्पादन चक्र में शामिल करने का रास्ता तैयार होगा।
यह सुविधा कासा रासा केंद्र में स्थापित की गई है, जो गैर-सरकारी संगठन साहस की पहल से संचालित वार्ड-स्तरीय ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र है।
परियोजना साउथ सिटी कॉरपोरेशन की पहल है। इसका उद्घाटन वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अधिकारियों की मौजूदगी में किया। परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य कचरा प्रबंधन के साथ रोजगार सृजन को जोड़ना है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, विशेषकर स्थानीय दर्जियों और महिलाओं को लैब के माध्यम से काम के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। केंद्र में एक थ्रिफ्ट स्टोर भी बनाया गया है, जहां रिसाइकिल किए गए कपड़ों से तैयार उत्पाद बेचे जाएंगे।
स्टोर से होने वाली आय का उपयोग कर्मचारियों के कल्याण और सर्कुलर टेक्सटाइल परियोजना के संचालन में किया जाएगा। कपड़ा प्रसंस्करण के दौरान पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए केंद्र में अपशिष्ट जल और सीवेज उपचार प्रणाली भी स्थापित की गई है।
यह प्रणाली प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाले रंगों और रसायनों का उपचार करेगी, ताकि रिसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग के कारण अतिरिक्त प्रदूषण न हो। इस मॉडल को पहले कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF) में लागू किया जा चुका है।
फिलहाल कोरमंगला से इसकी शुरुआत की गई है और भविष्य में इसे बेंगलुरु के अन्य वार्डों तक विस्तार देने की योजना है। यह पहल शहरी कचरा प्रबंधन में कपड़ा कचरे के लिए अलग व्यवस्था विकसित करने और फैशन एवं परिधान क्षेत्र में सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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