By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: पंजाब में भूजल संकट गहराया, उपलब्धता से 52 प्रतिशत अधिक दोहन
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > जल > पंजाब में भूजल संकट गहराया, उपलब्धता से 52 प्रतिशत अधिक दोहन
AI Image
जल

पंजाब में भूजल संकट गहराया, उपलब्धता से 52 प्रतिशत अधिक दोहन

Environment Pulse
Last updated: September 5, 2026 8:55 pm
Environment Pulse
Published: September 5, 2026
Share
AI Image
SHARE

राज्य में कुल भूजल विकास स्तर 152.22% पहुंच गया है। आकलन किए गए 153 ब्लॉकों में से 110 ब्लॉक अभी भी ‘अति-दोहित’ (Over-exploited) श्रेणी में हैं।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क। पंजाब में भूजल दोहन का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है। ताजा आकलन के अनुसार राज्य में भूजल के टिकाऊ उपयोग के लिए उपलब्ध मात्रा की तुलना में करीब 52 प्रतिशत अधिक पानी निकाला जा रहा है।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में स्थिति में मामूली सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन राज्य सरकार अब संकट से निपटने के लिए नहर नेटवर्क के विस्तार और सतही जल आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है।

राज्य समिति द्वारा तैयार डायनामिक ग्राउंडवाटर रिसोर्स असेसमेंट के अनुसार पंजाब में भूजल का वार्षिक पुनर्भरण करीब 19.14 अरब घन मीटर (BCM) है। इसमें से लगभग 17.29 BCM पानी ही टिकाऊ तरीके से निकासी के लिए उपलब्ध माना जाता है। इसके बावजूद 2025-26 में राज्य में 26.32 BCM भूजल का दोहन किया गया। इसके चलते भूजल विकास का कुल स्तर 152.22 प्रतिशत तक पहुंच गया।

निकाले गए भूजल में से करीब 24.95 BCM का इस्तेमाल कृषि सिंचाई के लिए किया गया। राज्य के 153 आकलन किए गए ब्लॉकों में से 110 ब्लॉक अभी भी अति-दोहित श्रेणी में हैं। छह ब्लॉक गंभीर, 17 अर्ध-गंभीर और केवल 20 ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में हैं। पिछले दो वर्षों में अति-दोहित ब्लॉकों की संख्या 115 से घटकर 110 हुई है, जो सीमित सुधार का संकेत देती है।

इसके बावजूद राज्य के करीब 72 प्रतिशत ब्लॉक गंभीर या अति-दोहित श्रेणी में बने हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पंजाब में भूजल के अत्यधिक दोहन का सबसे बड़ा कारण पानी की अधिक खपत वाली धान की खेती और सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर भारी निर्भरता है। इस स्थिति को बदलने के लिए राज्य सरकार नहर आधारित सिंचाई का विस्तार करने और नहरों का पानी खेतों के अंतिम छोर तक पहुंचाने पर काम कर रही है।

सरकार का मानना है कि जिन क्षेत्रों में नहर के पानी की उपलब्धता बढ़ी है, वहां भूजल दोहन में कमी देखने को मिली है। इसी दिशा में पुरानी नहरों के पुनर्स्थापन, अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने और नहर नेटवर्क के आसपास भूजल पुनर्भरण केंद्र विकसित करने की योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया है कि राज्य में भूजल दोहन का स्तर पहले करीब 164 प्रतिशत तक पहुंच चुका था, जो अब घटकर 152.22 प्रतिशत रह गया है। उनके अनुसार खेतों तक सीधे नहर का पानी पहुंचाने के प्रयासों से इस सुधार में मदद मिली है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल नहर नेटवर्क का विस्तार पंजाब के भूजल संकट का स्थायी समाधान नहीं है।

इसके साथ फसल विविधीकरण, सिंचाई की अधिक दक्ष तकनीकों, पानी की बचत और प्रभावी संरक्षण उपायों को भी बड़े पैमाने पर लागू करना जरूरी होगा। पंजाब में दशकों से जारी गहन कृषि गतिविधियों और धान की खेती के कारण भूजल स्तर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। मौजूदा आंकड़े इस चुनौती की गंभीरता को रेखांकित करते हैं। आने वाले महीनों में सरकार की ओर से भूजल संरक्षण, फसल पैटर्न में बदलाव और जल संसाधनों की निगरानी से जुड़े कदमों को और तेज किए जाने की उम्मीद है।

Also Read: पराली जलाने की निगरानी के लिए नए प्रोटोकॉल पर काम, पंजाब-हरियाणा और ISRO से CAQM की बातचीत

You Might Also Like

तेजी से पिघल रहे हिमनद, गंभीर पर्यावरणीय मोड़ के करीब हिमालय
गोमती, यमुना और हिंडन के पुनर्जीवन की दिशा में यूपी ने बढ़ाया कदम
‘सुपर अल नीनो’ का खौफ: अगले साल के अंत तक 5 करोड़ लोग हो सकते हैं गंभीर भुखमरी का शिकार, WFP की चेतावनी
ताजा जल भंडार घटने से बदल रही दुनिया की जल तस्वीर, देशों को नई वास्तविकता के लिए तैयार रहने की चेतावनी
गंगा के बाढ़ क्षेत्र से ‘निर्माण-मुक्त क्षेत्र’ की शर्त हटाने पर NGT ने केंद्र को भेजा नोटिस
TAGGED:Canal Irrigation ExpansionCrop DiversificationGroundwater DepletionOver-Exploited BlocksPunjab Groundwater Crisis
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
सस्टेनिबिलिटीस्टोरीहवा

सांस्कृतिक विरासतों पर जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण का प्रभाव

Environment Pulse
Environment Pulse
August 7, 2026
एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया से लेकर जंगल की आग तक, भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र पर बढ़ते खतरे
ब्रिक्स देशों ने EU के कार्बन बॉर्डर टैक्स का किया विरोध, बताया ‘भेदभावपूर्ण’
कैसे हो पर्यावरण संरक्षण? बदलाव की शुरुआत घर से करनी होगी
2047 तक दिल्ली में हरित ऊर्जा का विस्तार

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?