अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक समूह की 2026 की वार्षिक बैठकें 12 से 18 अक्टूबर तक थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित की गईं। ‘थाईलैंड के नए क्षितिज: लोगों को सशक्त बनाना और लचीलापन विकसित करना’ विषय पर आधारित इन बैठकों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि, बढ़ते सार्वजनिक कर्ज, एआई (AI) के प्रभाव और जलवायु जोखिमों पर चर्चा हुई। IMF ने वैश्विक विकास दर 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया, वहीं भारी कर्ज और वित्तीय अनुशासन पर जोर दिया गया। दूसरी ओर, नागरिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने ‘इंटरनेशनल पीपुल्स असेंबली’ के तहत अनुचित विदेशी कर्ज माफ करने, कठोर शर्तों को समाप्त करने और जलवायु क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किए।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक समूह की 2026 की वार्षिक बैठकें 12 से 18 अक्टूबर तक थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित की गईं। क्वीन सिरिकित नेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुई इन बैठकों में वित्त मंत्रियों, केंद्रीय बैंक के गवर्नरों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों सहित लगभग 15,000 लोगों ने भाग लिया। ‘थाईलैंड के नए क्षितिज: लोगों को सशक्त बनाना और लचीलापन विकसित करना’ विषय पर आयोजित बैठकों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि, बढ़ते सार्वजनिक कर्ज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के रोजगार पर प्रभाव और जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय जोखिमों पर चर्चा हुई।
आधिकारिक बैठकों में बढ़ते सरकारी कर्ज के बीच वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, करोड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और तकनीकी बदलावों से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने पर जोर दिया गया। IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर लगभग 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, लेकिन भारी कर्ज के कारण सरकारों की आर्थिक झटकों से निपटने की क्षमता सीमित हो रही है।
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नवीराकुल ने वैश्विक बाजारों, पूंजी और प्रतिभाओं को जोड़ने वाले क्षेत्रीय केंद्र के रूप में देश की भूमिका पर प्रकाश डाला। इसी दौरान 200 से अधिक नागरिक संगठनों, ट्रेड यूनियनों और जलवायु न्याय समूहों ने ‘इंटरनेशनल पीपुल्स असेंबली’ का आयोजन किया। इसके तहत ‘कर्ज और प्रभुत्व से न्याय और मुक्ति की ओर’ का नारा दिया गया।
प्रतिभागियों ने अस्थिर और अनुचित विदेशी कर्ज तत्काल माफ करने, IMF के दंडात्मक अतिरिक्त शुल्क और कठोर आर्थिक शर्तों को समाप्त करने तथा ऐतिहासिक पर्यावरणीय नुकसान के लिए जलवायु क्षतिपूर्ति की मांग की। 16 अक्टूबर को वैश्विक विरोध दिवस के तहत बैंकॉक सहित दुनिया के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। इन समानांतर आयोजनों ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को लेकर सरकारों और नागरिक संगठनों के बीच मतभेद उजागर किए। जहां आधिकारिक प्रतिनिधियों ने आर्थिक सुधार, निजी निवेश और संकटों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया, वहीं सामाजिक संगठनों ने मौजूदा नीतियों को विकासशील देशों में कर्ज और जलवायु असुरक्षा बढ़ाने वाला बताया।
बैंकॉक की ये बैठकें वैश्विक आर्थिक सहयोग के साथ-साथ कर्ज न्याय, आर्थिक समानता और जलवायु वित्त के भविष्य पर व्यापक बहस का मंच भी बनीं।
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