मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने 2 अक्टूबर 2026 को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर जवाहर द्वीप (बुचर आइलैंड) मरीन ऑयल टर्मिनल को भारत का पहला प्लास्टिक-मुक्त तेल टर्मिनल घोषित किया है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में यह घोषणा की गई। मुंबई तट से 4 किमी दूर स्थित यह टर्मिनल BPCL, HPCL, IOCL और ONGC जैसी प्रमुख कंपनियों के लिए कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का संचालन करता है। मुंबई पोर्ट ने सितंबर 2021 से सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की शुरुआत की थी, और अब इस दिशा में आगे बढ़ते हुए बंदरगाह के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे उपायों के विस्तार की योजना है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) ने जवाहर द्वीप मरीन ऑयल टर्मिनल को भारत का पहला प्लास्टिक-मुक्त तेल टर्मिनल घोषित किया है। यह उपलब्धि देश के समुद्री परिवहन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसकी घोषणा 2 अक्टूबर 2026 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर इंदिरा डॉक के ग्रे गेट पर आयोजित स्वच्छता अभियान 2026 के दौरान की गई।
कार्यक्रम में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के अध्यक्ष डॉ. एम. अंगमुथु और उपाध्यक्ष रविश कुमार सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। जवाहर द्वीप को बुचर आइलैंड के नाम से भी जाना जाता है।
यह मुंबई तट से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पांच बर्थ हैं, जहां कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का संचालन होता है। यह टर्मिनल भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), इंडियन ऑयल (IOCL) और ओएनजीसी जैसी प्रमुख कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुंबई पोर्ट के कुल कार्गो कारोबार में पेट्रोलियम उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग तीन-पांचवां हिस्सा है। प्राधिकरण ने सितंबर 2021 से ही अपने संचालन में एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की पहल शुरू की थी। अब इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए जवाहर द्वीप टर्मिनल को पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त बनाया गया है।
प्राधिकरण की योजना बंदरगाह के अन्य क्षेत्रों, आवासीय कॉलोनियों और तटीय इलाकों में भी ऐसे उपायों का विस्तार करने की है। मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्लास्टिक-मुक्त जवाहर द्वीप इस बात का प्रमाण है कि बंदरगाहों का विकास पर्यावरण की स्वच्छता के साथ किया जा सकता है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को दैनिक कार्यशैली का हिस्सा बनाने में सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर मंत्री ने बंदरगाह की तेल रिसाव प्रतिक्रिया (OSR) सुविधाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और स्वच्छता कर्मचारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न बंदरगाह क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया।
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