पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने MyGov के सहयोग से अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने पर ‘MoES Foundation Day Quiz’ शुरू किया है। इस क्विज में प्रतिभागियों को 300 सेकंड (5 मिनट) में पृथ्वी प्रणाली विज्ञान से जुड़े 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। सभी 100 सवालों के सही जवाब देने वाले शीर्ष तीन विजेताओं को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा, और सभी सफल प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने MyGov के सहयोग से अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता शुरू की है।
इसका उद्देश्य पृथ्वी प्रणाली विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना और वैज्ञानिक जानकारी को जन-जन तक पहुंचाना है।
‘MoES Foundation Day Quiz: Advancing Earth Sciences, Empowering the Nation’ नाम से शुरू की गई इस प्रतियोगिता में नागरिक मौसम एवं जलवायु विज्ञान, समुद्र विज्ञान, ध्रुवीय अनुसंधान, भूकंप विज्ञान और गहरे समुद्र की खोज से जुड़े सवालों का सामना करेंगे।
यह पहल विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। क्विज में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिन्हें प्रतिभागियों को महज 300 सेकंड यानी पांच मिनट में पूरा करना होगा। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए MyGov पोर्टल पर लॉगिन और प्रमाणीकरण आवश्यक होगा।
प्रत्येक प्रतिभागी को पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी के माध्यम से केवल एक बार क्विज में शामिल होने की अनुमति होगी। प्रतियोगिता में शीर्ष पुरस्कार के रूप में तीन विजेताओं को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। ऐसे प्रतिभागियों में से विजेताओं का चयन किया जाएगा, जो निर्धारित पांच मिनट के भीतर सभी 100 सवालों का सही उत्तर देंगे।
विजेताओं का चयन स्वचालित और सिस्टम-जनित रैंडम प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। क्विज सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को तत्काल डिजिटल प्रमाणपत्र भी मिलेगा, जिसे ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकेगा। यह प्रतियोगिता भारत के सभी नागरिकों के लिए खुली है। हालांकि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और MyGov के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कर्मचारियों तथा उनके निकटतम परिवार के सदस्यों को इसमें भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।
मंत्रालय ने प्रतिभागियों से अपने MyGov प्रोफाइल को अपडेट रखने की अपील की है, क्योंकि पुरस्कार राशि जारी करने से पहले पहचान का सत्यापन किया जाएगा। यह पहल पृथ्वी विज्ञान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मंत्रालय की दो दशकों की वैज्ञानिक उपलब्धियों, नवाचार और राष्ट्रसेवा को रेखांकित करती है।
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