By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: गंगा-गोमती दोआब क्षेत्र के भूजल की होगी गहरी पड़ताल
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > जमीन > गंगा-गोमती दोआब क्षेत्र के भूजल की होगी गहरी पड़ताल
जमीनजल

गंगा-गोमती दोआब क्षेत्र के भूजल की होगी गहरी पड़ताल

Environment Pulse
Last updated: July 5, 2026 6:33 pm
Environment Pulse
Published: July 5, 2026
Share
SHARE
बीबीएयू के दो फैकल्टी मेंबर करेंगे आर्सेनिक व फ्लोराइड की मौजूदगी पर शोध
लगभग 75 लाख रुपये होंगे खर्च, तीन साल में पूरा करना होगा शोध

Contents
बीबीएयू के दो फैकल्टी मेंबर करेंगे आर्सेनिक व फ्लोराइड की मौजूदगी पर शोधलगभग 75 लाख रुपये होंगे खर्च, तीन साल में पूरा करना होगा शोध

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

गंगा-गोमती दोआब क्षेत्र के भूजल में आर्सेनिक और फ्लोराइड की मौजूदगी पर एक खास शोध होगा। इस क्षेत्र के जल में इन तत्वों की मौजूदगी की क्या स्थिति है, ऐसा क्यों हुआ और इसका समाधान क्या है, इस पर विस्तार से अध्ययन किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए नई दिल्ली के अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) ने अपनी सहमति दी है।

यह शोध बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में होगा। यहां के पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. नरेंद्र कुमार और बायोटेक्नालोजी स्कूल आफ लाइफ साइंसेज की प्रो. मोनिका शर्मा मिलकर यह शोध करेंगे।

एएनआरएफ ने जिस शोध प्रोजेक्ट को फंड करने की मंजूरी दी है उसका नाम है-हाइड्रोलोजिकल मैपिंग आफ आर्सेनिक एन्ड फ्लोराइड इन गंगा-गोमती दोआब : एन एन्टीग्रेटेड अप्रोच ऑन को-अक्युरेंस, एनवायरमेंटल डायनामिक्स एन्ड सस्टेनेबल मिटिगेशन मेथड्स। फंड की धनराशि लगभग 75 लाख रुपये होगी और यह शोध तीन साल में पूरा करना होगा।

इस रिसर्च प्रोजेक्ट का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण गंगा-गोमती दोआब इलाके में भूजल को प्रदूषित करने वाले दो प्रमुख तत्वों-आर्सेनिक और फ्लोराइड-के पाए जाने, उनके फैलाव और पर्यावरणीय व्यवहार की पड़ताल करना है। गंगा-गोमती का दोआब क्षेत्र राजधानी लखनऊ समेत उन्नाव, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, जौनपुर के अलावा गाजीपुर तक फैला है, जहां गोमती नदी, गंगा में समाहित होती हैं। उम्मीद है इस शोध से बेहतर जल प्रबंधन और मानव स्वास्थ्य की देखभाल के बहुत से सूत्र निकलेंगे।

 

You Might Also Like

RAS और बायोफ्लॉक तकनीक से आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के ब्लू इकोनॉमी विजन को मिलेगी रफ्तार
उत्तर प्रदेश ने 13 जिलों में 700 किलोमीटर क्षेत्र में गंगा के बाढ़ मैदान का सीमांकन पूरा किया
गुजरात में मैंग्रोव संरक्षण के लिए Mangrove GIS पोर्टल लॉन्च, वैज्ञानिक निगरानी को मिलेगा बढ़ावा
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास 0 से 1 किमी का इको-सेंसिटिव जोन अधिसूचित
Nepal’s Deadly Floods Reignite Climate Blame Game
TAGGED:ANRFIndiaArsenic and Fluoride ContaminationBBAULucknowGanga-Gomti DoabGroundwater
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
AI Image
ईको सिस्टमजंगलजमीनजलजैव-विविधता

जब चरागाह खतरे में पड़ा तो 700 किमी चल पड़ा थार का ऊंटपालक

Environment Pulse
Environment Pulse
August 17, 2026
फ़ूड सिक्योरिटी से सॉइल सिक्योरिटी तक: कैसे बायोलॉजी भारतीय खेती के नियमों को फिर से लिख रही है
विश्व बैंक रिपोर्ट: दक्षिण एशिया में हरित रोजगार की राह उम्मीद से आसान
कैमूर की पहाड़ियां: जहां हर चट्टान, हर झरना और हर दरार में छिपी है जिंदगी की एक नई कहानी
भारत का ईवी अभियान खोल सकता है करोड़ों रोजगार के द्वार, बैटरी विनिर्माण होगी अहम कड़ी

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?