By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: बैंगनी रंग और गुलाबी पंजे, पश्चिमी घाट में मिला अनोखा नया केकड़ा
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > जैव-विविधता > बैंगनी रंग और गुलाबी पंजे, पश्चिमी घाट में मिला अनोखा नया केकड़ा
AI Image
जैव-विविधता

बैंगनी रंग और गुलाबी पंजे, पश्चिमी घाट में मिला अनोखा नया केकड़ा

Environment Pulse
Last updated: August 24, 2026 10:31 pm
Environment Pulse
Published: August 24, 2026
Share
AI Image
SHARE

कर्नाटक के उडुपी जिले स्थित मुकांबिका वन्यजीव अभयारण्य में मीठे पानी के केकड़े की एक नई प्रजाति खोजी गई है, जिसका नाम Ghatiana karnatakana रखा गया है। जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) के वैज्ञानिकों और वन विभाग के सहयोग से सामने आई इस प्रजाति की सबसे बड़ी खासियत इसका अनूठा रंग है।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क। कर्नाटक के उडुपी जिले स्थित मुकांबिका वन्यजीव अभयारण्य में मीठे पानी के केकड़े की एक नई प्रजाति की खोज हुई है।

वैज्ञानिकों ने इसका नाम Ghatiana karnatakana रखा है। यह खोज पश्चिमी घाट की समृद्ध लेकिन अब भी काफी हद तक अनदेखी जैव विविधता को सामने लाती है।

इस नई प्रजाति को मुकांबिका वन्यजीव अभयारण्य के बीट फॉरेस्टर अजमीर के. ने नियमित गश्त के दौरान कोल्लूर रेंज के घने जंगलों में देखा था।

बाद में उन्होंने भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI), कोलकाता के वैज्ञानिक संतनु मित्रा के साथ मिलकर इसकी वैज्ञानिक पहचान और औपचारिक विवरण तैयार किया।

खोज से जुड़ा अध्ययन अंतरराष्ट्रीय विज्ञान पत्रिका Species में प्रकाशित हुआ है।

Ghatiana karnatakana, Ghatiana वंश की 15वीं ज्ञात प्रजाति है। यह वंश पश्चिमी घाट के लिए स्थानिक माना जाता है। इसकी आठ प्रजातियां, जिनमें नई खोजी गई प्रजाति भी शामिल है, केवल कर्नाटक में पाई जाती हैं। नई प्रजाति की सबसे खास पहचान इसका अनोखा रंग है।

नर के शरीर का रंग मुख्य रूप से गहरा बैंगनी होता है और उसके कवच के आगे के हिस्से पर हल्के गुलाबी से माउव रंग का विशिष्ट V आकार का निशान दिखाई देता है।

मादा का अगला हिस्सा धूसर-बैंगनी और पिछला हिस्सा गहरे धूसर-भूरे रंग का होता है।

इसके हल्के गुलाबी पंजे भी इसे कर्नाटक में पाई जाने वाली अन्य Ghatiana प्रजातियों से अलग करते हैं।

इस केकड़े की एक और खासियत इसका सालभर दिखाई देना है। कई संबंधित प्रजातियां शुष्क मौसम में कम नजर आती हैं, लेकिन G. karnatakana पूरे वर्ष दर्ज की गई है।

यह सदाबहार और अर्ध-सदाबहार जंगलों में बारहमासी जलधाराओं के आसपास नम वातावरण में रहती है। मानसून के दौरान यह लेटराइट चट्टानों पर देखी जाती है, जबकि अन्य मौसमों में नम पेड़ों के खोखलों में आश्रय लेती है।

इसकी टाइप लोकैलिटी कोल्लूर के पास माविनाकरू है। क्षेत्रीय अवलोकनों के आधार पर यह प्रजाति अभयारण्य के करीब 35 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में पाई जाती है, जिसमें मेगिनी वैली, मडिबारे और मुर्कोडिहोला जैसे इलाके शामिल हैं। पश्चिमी घाट में नई मीठे पानी की केकड़ा प्रजातियों की खोज में कर्नाटक के वनकर्मियों और नागरिक वैज्ञानिकों की भूमिका लगातार सामने आ रही है।

इनमें से कई प्रजातियां पेड़ों के खोखलों, चट्टानों की दरारों और लेटराइट पत्थरों की छोटी-छोटी दरारों जैसे बेहद विशिष्ट सूक्ष्म आवासों में रहती हैं, जिन्हें लंबे समय तक पर्याप्त सर्वेक्षण नहीं मिल पाया। मीठे पानी के केकड़ों को उनके आवास की पारिस्थितिक सेहत के महत्वपूर्ण संकेतकों में गिना जाता है।

Ghatiana karnatakana का नाम कर्नाटक के नाम पर रखा जाना न केवल राज्य की असाधारण जैव विविधता को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जंगलों में नियमित मैदानी अवलोकन वैज्ञानिक खोजों के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

पश्चिमी घाट के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में आगे होने वाले सर्वेक्षणों से ऐसी कई और अनदेखी प्रजातियों के सामने आने की उम्मीद है।

Also Read: गंगा में लौट रही जिंदगी: 33 हजार हेक्टेयर हरियाली, डॉल्फिन और घड़ियालों की बढ़ी मौजूदगी

You Might Also Like

India has big plans for the Clouded Leopard
कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के आसपास 0 से 1 किमी का इको-सेंसिटिव जोन अधिसूचित
ज्यादा गर्मी, कम तीखापन: बदलते मौसम के बीच फीकी पड़ रही हैं भारत की खास मिर्च
नौ में से सात प्लैनेटरी बाउंड्री पार, समुद्री अम्लीकरण और जल संकट पर बढ़ी चिंता
विश्व बैंक के जलवायु लक्ष्यों से पीछे हटने की कीमत चुका सकते हैं भारत के सबसे संवेदनशील समुदाय
TAGGED:BiodiversityDiscoveryFreshwaterCrabGhatianaKarnatakanaMookambikaWildlifeNewCrabSpeciesWesternGhats
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
संगीतकार रिकी केज
सस्टेनिबिलिटीस्टोरी

रिकी केज ग्रैमी अवार्ड्स: 3,500 जिंगल्स बनाने वाले रिकी केज ने क्यों छोड़ा कमर्शियल संगीत? पीएम मोदी की सलाह ने बदला जीवन

Environment Pulse
Environment Pulse
August 10, 2026
जब चरागाह खतरे में पड़ा तो 700 किमी चल पड़ा थार का ऊंटपालक
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिली नई रफ्तार, पूर्वांचल और मध्यांचल बने निवेश के नए केंद्र
जलवायु संकट: जब हमारे पास शब्द ही नहीं हैं तो समझें कैसे?
चेन्नई की जल व्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत-एडीबी में $230 मिलियन का समझौता

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?