सियोल में आयोजित ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर कोऑपरेशन कॉन्फ्रेंस (GICC) 2026 में बांग्लादेश ने जलवायु-अनुकूल और हरित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया है। अत्यधिक जलवायु-संवेदनशील देश होने के नाते, बांग्लादेश कम-कार्बन उत्सर्जन, स्मार्ट परिवहन नेटवर्क और नवीकरणीय ऊर्जा आधारित निर्माण को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए देश वैश्विक साझेदारियों, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और तकनीकी हस्तांतरण पर जोर दे रहा है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: बांग्लादेश ने जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच टिकाऊ, जलवायु-अनुकूल और हरित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया है।
देश ने कम-कार्बन और नवाचार आधारित समाधानों को तेजी से अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। सियोल में ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर कोऑपरेशन कॉन्फ्रेंस (GICC) 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सड़क परिवहन एवं पुल मंत्री शेख रोबिउल आलम ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, सामाजिक प्रगति और बेहतर जीवन स्तर की आधारशिला है।
दक्षिण कोरिया के भूमि, अवसंरचना एवं परिवहन मंत्रालय (MOLIT) द्वारा आयोजित और इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ कोरिया (ICAK) द्वारा संचालित तीन दिवसीय सम्मेलन की थीम “Cooperation on Global Infrastructure Projects Opened by AI” है।
इसमें विभिन्न देशों के मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, बहुपक्षीय विकास संस्थानों के प्रतिनिधि तथा इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां भाग ले रही हैं। आलम ने कहा कि टिकाऊ और जलवायु-स्मार्ट बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश एक एकीकृत, प्रभावी, कम-कार्बन और जलवायु-अनुकूल परिवहन नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने वैश्विक साझेदारी और वित्तीय सहयोग के माध्यम से परिवर्तनकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने दक्षिण कोरिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सरकार-से-सरकार (G2G) सहयोग, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), रियायती वित्तपोषण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को बढ़ावा देने की इच्छा जताई।
साथ ही ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीक हस्तांतरण और कौशल विकास को भी महत्वपूर्ण बताया। समुद्र स्तर में वृद्धि, बाढ़, अत्यधिक मौसम और बढ़ते तापमान जैसे जोखिमों के कारण बांग्लादेश दुनिया के सबसे अधिक जलवायु-संवेदनशील देशों में शामिल है। ऐसे में सरकार परिवहन के साथ-साथ व्यापक निर्माण क्षेत्र में भी जलवायु-अनुकूल और हरित बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण मानती है।
देश में ऊर्जा-कुशल भवनों, शहरों में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल, प्रकृति आधारित समाधानों और जलवायु-लचीले निर्माण मानकों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), UNOPS और ग्लोबल एनवायरनमेंट फैसिलिटी जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी के जरिए शहरी क्षेत्रों में उत्सर्जन घटाने और हरित निर्माण सामग्री को बढ़ावा देने की पहल भी की जा रही है।
सम्मेलन में एआई आधारित परियोजना प्रबंधन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम और नए वित्तीय मॉडल पर चर्चा होने की उम्मीद है। बांग्लादेश की भागीदारी से संकेत मिलता है कि वह विकासशील देशों में पर्यावरण-अनुकूल और जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करना चाहता है।
बांग्लादेश को उम्मीद है कि सियोल सम्मेलन में होने वाली चर्चाएं ठोस साझेदारियों में बदलेंगी और ऐसी परियोजनाओं को गति देंगी, जो देश के विकास को सुरक्षित रखने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से लोगों और अर्थव्यवस्था की रक्षा कर सकें।
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