
हरियाणा के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में चलेगा वृक्षारोपण अभियान, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल को मिल रही नई रफ्तार।
610 ‘वन मित्र’ तैनात, 58 हर्बल पार्क विकसित और ‘प्राण वायु देवता योजना’ का हुआ विस्तार।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। मानेसर में आयोजित 77वें राज्य-स्तरीय वन महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को भारत की सनातन और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित एक सच्चा जन-आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में फैलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के वन महोत्सव की शुरुआत 30 जुलाई को करनाल से हुई थी। अब जन-भागीदारी को और बढ़ाने के लिए इस अभियान का विस्तार हरियाणा के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगा रहे हैं, जिससे यह पूरे राज्य में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। मानेसर और गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रीन कवर (हरियाली) को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
किसानों और पंचायतों के लिए नई योजनाएं
राज्य सरकार पंचायत और सार्वजनिक जमीनों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण की योजना बना रही है। साथ ही, दुर्लभ और लुप्तप्राय पेड़-पौधों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए किसानों की मदद हेतु एक नई योजना शुरू की जा रही है।
पर्यावरण के क्षेत्र में हरियाणा की प्रमुख उपलब्धियां
1.52 करोड़ पौधे: वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य भर में 1.52 करोड़ पौधे लगाए गए।
हर्बल पार्क और पंचवटी: औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए 58 हर्बल पार्क बनाए गए हैं और गांवों में हरियाली बढ़ाने के लिए ‘पंचवटी’ पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है।
वन मित्र व प्राण वायु देवता योजना: पौधों की सुरक्षा और जंगलों के विस्तार के लिए 610 ‘वन मित्रों’ की तैनाती की गई है। प्राचीन और विरासत पेड़ों के संरक्षण के लिए ‘प्राण वायु देवता योजना’ का दायरा बढ़ाया गया है।
रामसर साइट्स: सुल्तानपुर नेशनल पार्क और भिंडावास वाइल्डलाइफ सेंचुरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट्स का दर्जा प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि “असली विकास वही है जिसमें सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनके किनारे छायादार पेड़ भी लगाए जाएं।” इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और हरियाणा के पर्यावरण व वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी विचार रखे और पर्यावरण रक्षा के लिए संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।
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