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Environment Pulse > फ्यूचर ग्रीन > सस्टेनिबिलिटी > ब्रिटेन में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अनिवार्य जलवायु रिपोर्टिंग की योजना रद्द
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सस्टेनिबिलिटी

ब्रिटेन में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अनिवार्य जलवायु रिपोर्टिंग की योजना रद्द

Environment Pulse
Last updated: October 1, 2026 8:06 pm
Environment Pulse
Published: October 1, 2026
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ब्रिटेन के वित्तीय नियामक फिजिकल कंडक्ट अथॉरिटी (FCA) ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए सख्त जलवायु संबंधी रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाने की योजना वापस ले ली है। कंपनियों द्वारा अनुपालन लागत और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को लेकर जताई गई चिंताओं के कारण नियामक ने मौजूदा “कंप्लाई ऑर एक्सप्लेन” (अनुपालन करें या स्पष्ट करें) व्यवस्था को ही जारी रखने का फैसला किया है। जनवरी में FCA ने इंटरनेशनल सस्टेनेबिलिटी स्टैंडर्ड्स बोर्ड (ISSB) के मानकों पर आधारित जलवायु रिपोर्टिंग को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा था। अब कंपनियों के लिए यह स्वैच्छिक होगा कि वे निर्धारित जलवायु जानकारी दें या फिर कारण बताएं कि उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया। FCA की समीक्षा के अनुसार, FTSE 350 की 92 प्रतिशत कंपनियों ने पहले ही 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में जलवायु जोखिमों का खुलासा किया है।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क: ब्रिटेन के वित्तीय नियामक ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए सख्त जलवायु संबंधी रिपोर्टिंग को अनिवार्य बनाने की योजना वापस ले ली है।

कंपनियों द्वारा अनुपालन लागत और प्रतिस्पर्धात्मकता को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद वित्तीय आचरण प्राधिकरण (FCA) ने मौजूदा “कंप्लाई ऑर एक्सप्लेन” व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया है।

FCA ने जारी अंतिम नियमों में इसकी पुष्टि की। जनवरी में नियामक ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए यूके एसआरएस एस2 जलवायु रिपोर्टिंग मानक अपनाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा था।

यह मानक इंटरनेशनल सस्टेनेबिलिटी स्टैंडर्ड्स बोर्ड (ISSB) के IFRS S2 पर आधारित है और इसमें जलवायु संबंधी महत्वपूर्ण जोखिमों व अवसरों, जलवायु लक्ष्यों तथा कारोबारी गतिविधियों पर जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों की जानकारी शामिल होती। अब कंपनियों को या तो निर्धारित जलवायु संबंधी जानकारी देनी होगी या यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया। FCA ने कहा कि कंपनियों से मिली प्रतिक्रियाओं में अनिवार्य व्यवस्था की आनुपातिकता और ब्रिटेन की सूचीबद्धता के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए गए थे।

अनुपालन की लागत भी प्रमुख चिंता रही। FCA ने 2020 में प्रीमियम-लिस्टेड कंपनियों के लिए जलवायु प्रकटीकरण नियम लागू किए थे। बाद में इन्हें अन्य सूचीबद्ध कंपनियों तक विस्तारित किया गया।

FCA की हालिया समीक्षा के अनुसार, FTSE 350 की 92 प्रतिशत कंपनियों ने अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में जलवायु जोखिमों का खुलासा किया था। नए नियम 1 जनवरी 2027 या उसके बाद शुरू होने वाली लेखा अवधियों पर लागू होंगे और पहली रिपोर्ट 2028 में आने की उम्मीद है।

FCA ने Scope 3 उत्सर्जन और व्यापक स्थिरता प्रकटीकरण से जुड़े कुछ प्रावधानों में संक्रमणकालीन राहत भी दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब यूरोपीय संघ और अमेरिका समेत कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं सख्त जलवायु रिपोर्टिंग नियमों में बदलाव कर रही हैं।

ब्रिटेन में सूचीबद्ध कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले क्वोटेड कंपनीज अलायंस ने इस फैसले का स्वागत किया। हालांकि, कुछ जलवायु विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि स्वैच्छिक प्रकटीकरण से कंपनियों के बीच जानकारी की निरंतरता और तुलना प्रभावित हो सकती है।

FCA ने कहा कि अंतिम व्यवस्था का उद्देश्य निवेशकों को निर्णय लेने के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है, साथ ही बाजार की तैयारी और ब्रिटेन की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी ध्यान में रखना है।

Also Read: जलवायु मुकदमों के बढ़ते दबाव के बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं बड़ी तेल कंपनियां

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