नीदरलैंड सरकार ने दुनिया के उष्णकटिबंधीय वनों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए ‘ट्रॉपिकल फॉरेस्ट फॉरएवर फैसिलिटी’ (TFFF) को अगले दस वर्षों में 500 मिलियन डॉलर (50 करोड़ डॉलर) तक की सहायता देने की घोषणा की है। विश्व बैंक के सहयोग से 2027 के मध्य तक संचालित होने वाली इस 125 अरब डॉलर की स्थायी पूंजी वाली पहल के तहत, वनों का सफलतापूर्वक संरक्षण करने वाले देशों को उपग्रह निगरानी के आधार पर प्रति हेक्टेयर औसतन चार डॉलर सालाना भुगतान किया जाएगा, जिसका एक हिस्सा आदिवासी समुदायों तक भी पहुंचेगा। ब्राजील, इंडोनेशिया और ब्रिटेन समेत कई देशों के समर्थन वाली इस योजना से लगभग 80 से 90 करोड़ हेक्टेयर वन क्षेत्र को बचाने और जंगलों को काटने के बजाय उनका संरक्षण आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक बनाने की उम्मीद है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : नीदरलैंड सरकार ने दुनिया के उष्णकटिबंधीय वनों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए अगले दस वर्षों में 500 मिलियन डॉलर तक की सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि प्रस्तावित ‘ट्रॉपिकल फॉरेस्ट फॉरएवर फैसिलिटी’ (TFFF) को दी जाएगी, जिसका उद्देश्य जंगलों को सुरक्षित रखने वाले देशों को नियमित वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना है।
नीदरलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पहल के तहत 125 अरब डॉलर की स्थायी पूंजी वाला कोष विकसित करने की योजना है। इसमें निजी क्षेत्र के निवेशकों से लगभग 100 अरब डॉलर जुटाने की अपेक्षा है। कोष के संचालन के बाद उससे होने वाली शुद्ध आय का इस्तेमाल उन देशों को भुगतान करने के लिए किया जाएगा, जो अपने उष्णकटिबंधीय वनों का सफलतापूर्वक संरक्षण करेंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पात्र देशों को प्रति हेक्टेयर औसतन चार डॉलर सालाना भुगतान किया जा सकता है। जंगलों की स्थिति और संरक्षण की निगरानी उपग्रहों के माध्यम से की जाएगी। इस राशि का एक हिस्सा उन आदिवासी समुदायों और स्थानीय निवासियों तक सीधे पहुंचाने की भी योजना है, जो वन संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस पहल से लगभग 80 से 90 करोड़ हेक्टेयर उष्णकटिबंधीय वन क्षेत्र को संरक्षण मिलने की उम्मीद है। यह क्षेत्रफल नीदरलैंड के आकार से लगभग 200 गुना है। विश्व बैंक के सहयोग से विकसित हो रही इस व्यवस्था के 2027 के मध्य तक पूरी तरह संचालन में आने की संभावना है। ब्राजील, इंडोनेशिया, नॉर्वे, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन समेत कई देश इस पहल के समर्थन में योगदान की घोषणा कर चुके हैं। अब तक घोषित कुल योगदान लगभग 7.8 अरब डॉलर बताया गया है।
विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्समा ने इस प्रतिबद्धता को वैश्विक जलवायु सुरक्षा, जैव विविधता और खाद्य प्रणालियों में रणनीतिक निवेश बताया। पर्यावरण संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि नियमित वित्तीय प्रोत्साहन से जंगलों को काटने के बजाय उनका संरक्षण आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक बन सकता है।
हालांकि, नीदरलैंड की सहायता के लिए संसदीय मंजूरी और कोष की संचालन व्यवस्था को अंतिम रूप देना अभी बाकी है।
यह पहल प्रकृति संरक्षण के लिए अल्पकालिक परियोजनाओं के बजाय दीर्घकालिक और परिणाम-आधारित वित्तपोषण की दिशा में बढ़ते वैश्विक प्रयासों को दर्शाती है।
Also Read: गुजरात और राजस्थान में सूखे की मार, किसानों और पशुपालकों के लिए राहत पैकेज घोषित

