मध्य प्रदेश के देपालपुर नगर ने ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ पहल के तहत इंदौर नगर निगम के मार्गदर्शन में 1,250 मीट्रिक टन पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) का सफलतापूर्वक निस्तारण कर “जीरो लीगेसी वेस्ट” का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इस अभियान के तहत वैज्ञानिक तरीके से कचरे का पृथक्करण कर प्लास्टिक, धातु और आरडीएफ को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा गया, तथा साफ किए गए डंपसाइट पर पौधे लगाकर इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया जा रहा है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। मध्य प्रदेश के देपालपुर ने वर्षों से जमा पुराने कचरे के सफल निस्तारण के साथ शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत स्वच्छ शहर जोड़ी (Swachh Shehar Jodi) पहल में इंदौर नगर निगम के मार्गदर्शन में देपालपुर नगर परिषद ने अपने डंपसाइट पर जमा 1,250 मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट का पूरी तरह निस्तारण कर “जीरो लीगेसी वेस्ट” का लक्ष्य हासिल किया है।
देपालपुर को इंदौर ने स्वच्छ शहर जोड़ी पहल के तहत मेंटर शहर के रूप में सहयोग दिया। इस साझेदारी के दौरान ठोस कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था विकसित करने, क्षमता निर्माण और जमीनी स्तर पर सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
देपालपुर में घर-घर कचरा संग्रहण और चार-श्रेणी कचरा पृथक्करण को नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया। शत-प्रतिशत कवरेज हासिल करने के बाद प्रशासन ने वर्षों से जमा पुराने कचरे के निस्तारण पर ध्यान केंद्रित किया। डंपसाइट की सफाई के लिए इंदौर नगर निगम के 500 से अधिक सफाई मित्रों और कचरा बीनने वालों को लगाया गया।
देपालपुर नगर परिषद की जेसीबी, डंपर और लोडर जैसी भारी मशीनरी की मदद से वर्षों से जमा कचरे को हटाया गया। पूरी प्रक्रिया में कचरे को मौके पर ही अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया, ताकि प्रत्येक सामग्री को उचित तरीके से प्रसंस्करण और निस्तारण के लिए भेजा जा सके।
इस अभियान के दौरान करीब 4.5 टन प्लास्टिक, धातु और कांच जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री बरामद की गई, जिसे अधिकृत रिसाइक्लरों को भेजा गया। वहीं, लगभग 50 से 60 टन रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) को इंदौर स्थित नेपरा संयंत्र भेजा गया। वहां इसकी श्रेडिंग के बाद सीमेंट कारखानों में को-प्रोसेसिंग के लिए भेजा गया। डंपसाइट के पूरी तरह साफ होने के बाद इसे नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाए गए। स्थल पर पौधरोपण अभियान चलाकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने 200 पौधे लगाए। इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने “पोहे पार्टी” के माध्यम से इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
भविष्य में इस स्थान को सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित करने की योजना है। यहां क्रिकेट गतिविधियों, नागरिक सहभागिता कार्यक्रमों और सामुदायिक आयोजनों के लिए स्थान विकसित किया जाएगा। इस तरह जो जगह कभी कचरे के ढेर के रूप में पहचानी जाती थी, वह अब हरित और जीवंत सार्वजनिक स्थल में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
देपालपुर की इस उपलब्धि में इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और आयुक्त आईएएस क्षितिज सिंघल के नेतृत्व में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है। वहीं, इंदौर में ‘बस्ती बेमिसाल’ जैसे अभियान के जरिए जमीनी स्तर पर स्वच्छता और शहरी सुधार की पहल जारी है। स्वच्छता ही सेवा 2025 के दौरान शुरू की गई स्वच्छ शहर जोड़ी पहल के तहत देशभर में 72 मेंटर और 200 मेंटी शहरों को जोड़ा गया है।
इन शहरों ने शहरी कचरा प्रबंधन से संबंधित 1,600 से अधिक गतिविधियां पूरी की हैं। यह 100 दिवसीय कार्यक्रम ‘Each One Teach One’ मॉडल पर आधारित है और शहरी कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक समयबद्ध एवं संरचित मेंटरशिप कार्यक्रम के रूप में संचालित किया जा रहा है। देपालपुर इस पहल के तहत “जीरो लीगेसी वेस्ट” हासिल करने वाला पहला शहर बन गया है।
यह उपलब्धि केवल पुराने कचरे के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, प्रशासनिक नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी के जरिए वर्षों पुराने डंपसाइट को भी स्वच्छ और उपयोगी सार्वजनिक स्थल में बदला जा सकता है।
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