IMD ने देश के कई हिस्सों में चरम मौसम की स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है। गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक भारी बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुँचा है। इसके विपरीत, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के कुछ आंतरिक हिस्सों में लंबे समय तक सूखा और अत्यधिक गर्मी बनी हुई है, जिससे कृषि उत्पादन और सिंचाई प्रभावित हो रही है। प्रशांत महासागर में सक्रिय ‘अल नीनो’ (El Nino) की स्थितियों को इस असमान मौसम और वर्षा वितरण में गड़बड़ी का मुख्य कारण माना जा रहा है। IMD ने संबंधित राज्य सरकारों को इन विपरीत परिस्थितियों (बाढ़ और गर्मी के जोखिम) पर कड़ी नज़र रखने की सलाह दी है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में असामान्य मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ाई है। विभाग के आकलन के अनुसार गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में सामान्य मौसम से अलग परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं। गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में हाल के सप्ताहों में सामान्य से काफी अधिक तेज और स्थानीय बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बनी।
दूसरी ओर, तमिलनाडु के बड़े हिस्सों और मध्य प्रदेश के कुछ आंतरिक क्षेत्रों में लंबे समय तक शुष्क और गर्म मौसम बना रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में जारी अल नीनो परिस्थितियां भारतीय मानसून की गतिविधियों और वर्षा वितरण को प्रभावित कर सकती हैं।
इसके कारण कुछ क्षेत्रों में कम समय में अत्यधिक बारिश, जबकि अन्य इलाकों में लंबे शुष्क दौर देखने को मिल सकते हैं। गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ में अचानक हुई बारिश से फसलों और कटाई कार्य प्रभावित हुए हैं। वहीं तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी और बारिश की कमी से सिंचाई तथा कृषि उत्पादन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
IMD ने राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बाढ़ और गर्मी से जुड़े जोखिमों पर नजर रखने की सलाह दी है।
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