संयुक्त राष्ट्र का 31वां जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP31) 9 से 20 नवंबर 2026 तक तुर्किये के अंताल्या शहर (अंताल्या एक्सपो सेंटर) में आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 200 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस बार सम्मेलन की मेजबानी और अध्यक्षता तुर्किये कर रहा है, जबकि औपचारिक जलवायु वार्ताओं का नेतृत्व ऑस्ट्रेलिया करेगा। यह विशेष व्यवस्था ब्राजील में हुए COP30 के समझौते के तहत तय की गई है। सम्मेलन के दौरान 11-12 नवंबर को विश्व नेताओं का शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं को वास्तविक कार्रवाई में बदलना है, जिसकी प्रमुख थीम में स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, शून्य अपशिष्ट व्यवस्था, जलवायु अनुकूल शहरों का विकास और जवाबदेही तंत्र शामिल हैं। तुर्किये सरकार ने इसके लिए सुरक्षा, पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे की तैयारियां तेज कर दी हैं, जिससे वैश्विक जलवायु लक्ष्यों की दिशा में ठोस प्रगति की उम्मीद की जा रही है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : संयुक्त राष्ट्र का 31वां जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP31) 9 से 20 नवंबर 2026 तक तुर्किये के अंताल्या शहर में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन को लेकर मेजबान शहर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसमें करीब 200 देशों के सरकारी प्रतिनिधियों के अलावा कारोबारी संगठनों, नागरिक समाज, युवा समूहों और मीडिया के हजारों प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस बार सम्मेलन की मेजबानी और औपचारिक वार्ताओं की जिम्मेदारी एक विशेष साझा व्यवस्था के तहत तय की गई है। तुर्किये सम्मेलन का भौगोलिक मेजबान होने के साथ COP अध्यक्षता भी करेगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया औपचारिक जलवायु वार्ताओं का नेतृत्व करेगा।
यह व्यवस्था ब्राजील के बेलेम में आयोजित COP30 के दौरान हुए समझौते के तहत बनी है। तुर्किये के पर्यावरण, शहरीकरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मूरत कुरुम को COP31 का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन औपचारिक वार्ताओं के अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे।
सम्मेलन का मुख्य आयोजन अंताल्या एक्सपो सेंटर में होगा, जो पहले EXPO 2016 स्थल के रूप में जाना जाता था और अक्सू क्षेत्र में स्थित है। आयोजकों ने सम्मेलन में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी को देखते हुए आयोजन स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस सम्मेलन के तहत 11 और 12 नवंबर को विश्व नेताओं का शिखर सम्मेलन भी प्रस्तावित है। इससे पहले 5 से 8 अक्टूबर 2026 तक फिजी और तुवालु में प्री-COP मंत्रिस्तरीय बैठक और नेताओं का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रशांत क्षेत्र की जलवायु संबंधी प्राथमिकताओं और आगामी सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई। COP31 का प्रमुख उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए की गई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को वास्तविक कार्रवाई में बदलना है।
सम्मेलन की थीम में स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण, शून्य अपशिष्ट व्यवस्था, जलवायु अनुकूल शहरों का विकास और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले तंत्र प्रमुखता से शामिल रहने की उम्मीद है। मेजबानी से संबंधित तुर्किये और संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC) के बीच हुआ मेजबान देश समझौता भी लागू हो चुका है।
इससे सम्मेलन के आयोजन के लिए आवश्यक कानूनी और लॉजिस्टिक ढांचा उपलब्ध हो गया है। तुर्किये सरकार ने सम्मेलन के लिए विस्तारित आयोजन सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों और शून्य अपशिष्ट जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही सम्मेलन से अंताल्या क्षेत्र में पर्यटन, कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दुनिया में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के गंभीर होते प्रभावों के बीच COP31 को पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों की दिशा में ठोस प्रगति का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इस बार अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें केवल नई घोषणाओं पर नहीं, बल्कि उत्सर्जन में कमी, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु अनुकूलन के क्षेत्र में मापने योग्य परिणामों पर रहेंगी।

